पांच एकड़ भूमि में 1100 बहन-बेटियों तथा महिला अधिकारियों-कर्मचारियों ने रोपे 1100 पौधे

विश्व महिला दिवस के मौके पर बली कुतुबपुर गांव में ऑक्सिजन बाग बेटियों नाम समर्पित किया गया, जिसका शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि एसडीएम सुरेंद्र सिंह दून ने किया। वीरांगना अमृता देवी ऑक्सिजन बाग के रूप में यह प्रदेश का ऐसा पहला ऑक्सिजन बाग है, जिसमें विशेष रूप से बहन-बेटियों ने ही पौधारोपण किया है।

उपायुक्त ललित सिवाच के मार्गदर्शन में ट्री-मैन देवेंद्र सूरा की विशेष पहल पर जिला प्रशासन के पूर्ण सहयोग से बेटियों के नाम हरियाणा का पहला ऑक्सिजन बाग तैयार किया जा रहा है। वीरांगना अमृता देवी के नाम पर ऑक्सिजन बाग का नामकरण किया गया। इस ऑक्सिजन बाग की विशेषता रही कि इसमें हर एक पौधा बहन-बेटियों ने ही लगाया। स्कूली छात्राओं ने विशेष रूप से बाग में पौधारोपण किया। साथ ही महिला प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी बाग में पौधारोपण करते हुए अपना योगदान दिया। इनके साथ मनरेगा से जुड़ी तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने भी पौधारोपण किया।
उपायुक्त ललित सिवाच के निर्देशन में ऑक्सिजन बाग तैयार किया गया। इस मौके पर विशेष रूप से गन्नौर के एसडीएम सुरेंद्र दून तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अंकिता वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी सुरजीत सिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रवीन कुमारी, जिला बाला संरक्षण अधिकारी डा. रितु, संरक्षण अधिकारी (गैर-संस्थानिक) आरती सहित महिला एवं बाल विकास विभाग की सीडीपीओ, सुपरवाईजरों व आंगनवाड़ी वर्करों-हैल्परों ने पौधारोपण किया। शुरुआती चरण में 1100 बहन-बेटियों ने 1100 पौधे लगाकर ऑक्सिजन बाग को गति दी है। इनमें फलदार पौधे, छायादार तथा औषधीय पौधे शामिल रहे।
ऑक्सिजन बाग के संयोजक ट्री-मैन देवेंद्र सूरा ने बताया कि विश्व महिला दिवस के मौके पर ऑक्सिजन बाग की स्थापना उत्साहवद्र्घक रही। स्वयंसेवकों द्वारा विशेष सहयोग दिया गया, किंतु पौधारोपण बहन-बेटियों के द्वारा ही करवाया गया। विश्व महिला दिवस के अवसर पर यह अनूठी शुरुआत की गई, जिससे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को भी बल मिलेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंंने सभी अधिकारियोंं-कर्मचारियों तथा बहन-बेटियों और स्वयंसेवकों का विशेष रूप से आभार प्रकट किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रवीन कुमारी ने कहा कि महिला दिवस के अवसर पर यह अनुकरणीय पहल की गई है, जिसे और अधिक बढ़ावा मिलना चाहिए। इसके लिए हर व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रयास करने चाहिए। जिला बाल संरक्षण अधिकारी डा. रितु ने कहा कि हरियाणा का पहला ऑक्सिजन बाग जिसे बहन-बेटियों ने तैयार किया है, यह एक सुखद अनुभूति है। संरक्षण अधिकारी (गैर-संस्थानिक) आरती ने कहा कि आज के दौर में बेटियों की भांति पर्यावरण संरक्षण की भी जरूरत है। इसके लिए एकजुट प्रयास करने होंगे। हमें अधिकाधिक ऑक्सिजन बाग लगाने होंगे और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाना होगा। मंच की कमान संभाल रहे प्राध्यापक डा. सुभाष सिसोदिया ने भी पौधारोपण करते हुए इसके लिए प्रोत्साहन दिया।

देशभक्ति के संदेश के साथ दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश:

बली कुतुबपुर मंगलवार को एक देशभक्ति के रंग से सराबोर हो उठा, जो सीधे तौर पर सामाजिक सरोकार से जुड़ा नजर आया। ऑक्सिजन बाग की स्थापना में पर्यावरण संरक्षण के साथ बेटियों के संरक्षण को विशेष रूप से बल दिया गया। पूरा परिसर देश की आन-बान-शान के प्रतीक तिरंगों की चारदिवारी में समाकर देशभक्ति का एक अद्भुत नजारा प्रस्तुत कर रहा था। देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की स्वरलहरियों के साथ बहन-बेटियों ने पौधारोपण किया।

ऑक्सिजन बाग में इन विद्यालयों की छात्राओं ने किया पौधारोपण:

खंड शिक्षा अधिकारी सुरजीत सिंह के नेतृत्व में विभिन्न विद्यालयों की हजारों छात्राओं ने ऑक्सिजन बाग में पौधारोपण किया, जिसके लिए उन्होंने विद्यालय प्रबंधन का आभार प्रकट करते हुए बेटियों को प्रोत्साहन दिया। इस दौरान विशेष रूप से नवज्योति शिक्षा सदन, एमडी वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय सरढ़ाना, आशादीप स्कूल पुगथला, राजकीय व. मा. विद्यालय बली कुतुबपुर, राजकीय व. मा. विद्यालय सरढ़ाना तथा राजकीय व. मा. विद्यालय खुबडू इत्यादि विद्यालयों की छात्राओं ने ऑक्सिजन बाग में पौधारोपण किया।

वीरांगना अमृता देवी को किया स्मरण:

हरियाणा का पहला ऑक्सिजन बाग विश्व महिला दिवस के अवसर पर बहन-बेटियों द्वारा तैयार किया गया, जिसे वीरांगना अमृता देवी का समर्पित किया गया है। इस दौरान वीरांगना अमृता देवी को विशेष रूप से नमन करते हुए उनका इतिहास याद किया गया। ट्री-मैन देवेंद्र सूरा ने बताया कि अमृता देवी ने 1730 में राजस्थान मेंं अपने गांव खेजड़ी में पेड़-पौधे बचाने के लिए खुद को कुर्बान कर दिया था। अपनी तीन बेटियों आसू, रत्नी और भागू के साथ पर्यावरण के लिए खुद की बलिदानी दी। उन्होंने खेजड़ी के पेड़ोंं को बचाने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
इस मौके पर सुमन, देवेंद्र सरोहा, प्रशांत बूरा, सुनील, सुंदर, जोगेंद्र मलिक, जलजीत, प्रदीप, मंदीप, मोहित, विनय, गौरी, तारा, विशु, रविंद्र मलिक, अमित लाठिया, संजय शर्मा आदि बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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