Terrorist Encounter in JK
🔥 क्या हुआ – मुठभेड़ की पूरी जानकारी
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किश्तवाड़ जिला के सोनार गांव (चत्रू इलाके) में सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस अभियान का नाम ‘ऑपरेशन त्राशी-1’ रखा गया है, जिसे भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर ने शुरू किया।
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यह मुठभेड़ दोपहर में एक बड़े सर्च ऑपरेशन (CASO) के दौरान शुरू हुई, जब खुफिया इनपुट के आधार पर आतंकियों की मौजूदगी की जानकारी मिली।
🪖 जवानों को हुए घायल – हालत और एयरलिफ्ट
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इस मुठभेड़ में सेना के 8 जवान घायल हुए हैं। ज्यादातर को ग्रेनेड ब्लास्ट के छर्रों से चोटें आईं।
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घायल जवानों में से कुछ को हेलीकॉप्टर या एयरलिफ्ट करके निकट के अस्पतालों में भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
🌲 ऑपरेशन फिर से शुरू, आतंकियों की तलाश जारी
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रात को ऑपरेशन थोड़ी देर के लिए रोका गया था क्योंकि इलाका घने जंगल और कठिन भू-रचना वाला था, लेकिन बुधवार सुबह सुरक्षाबल फिर से सर्च अभियान चला रहे हैं।
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ड्रोन, स्निफर डॉग्स और अतिरिक्त बलों की मदद से आतंकियों को पकड़ने की कोशिश जारी है। सिक्योरिटी कॉर्डन को मजबूती से जारी रखा गया है।
❗ आतंकियों के बारे में क्या जानकारी है?
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अधिकारियों का कहना है कि लगभग 2-3 आतंकवादी इलाके में छिपे हुए हैं और वे संभवतः पाक-आधारित जैश-ए-मोहम्मद (JeM) समूह से जुड़े हो सकते हैं।
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लगातार तलाशी और ‘घेराबंदी’ अभियान इसी उद्देश्य के तहत जारी है।
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📍 राजौरी में सर्च ऑपरेशन भी जारी
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साथ ही राजौरी जिले में भी आतंकियों की मौजूदगी को लेकर सर्च ऑपरेशन जारी है। वहां की सुरक्षा टीमें संभावित आतंकियों के खुफिया संकेतों पर तलाशी अभियान कर रही हैं ताकि किसी बड़ी वारदात या घुसपैठ को रोका जा सके।
📌 स्थिति का व्यापक परिप्रेक्ष्य
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यह मुठभेड़ गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से कुछ दिन पहले हुई है, और सुरक्षा बलों द्वारा कश्मीर में चलाए जा रहे बड़े एंटी-टेरर अभियान का हिस्सा कहा जा रहा है।
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किश्तवाड़ इलाके में यह वर्ष की तीसरी मुठभेड़ है, इससे पहले कठुआ में भी आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ें हुई थीं।
अगर चाहें, मैं आपको जैश-ए-मोहम्मद और जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के बारे में विस्तृत पृष्ठभूमि भी बता सकता हूं।