
Prashant Singh’s Resignation: GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह का इस्तीफा रहस्य, शासन को अब तक नहीं मिला त्यागपत्र
🧑💼 1. इस्तीफा देकर खुद ही हल चल मचा दी
अयोध्या में तैनात जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने 27 जनवरी 2026 को अपना इस्तीफा सार्वजनिक रूप से दे दिया। उन्होंने इसे एक भावनात्मक फैसला बताया, जिसमें उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का समर्थन करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ टिप्पणियाँ “अपमानजनक” लगीं, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया।
📍 इस्तीफे की घोषणा में उन्होंने भावुकता भी जताई — एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें वे फोन पर बात करते-करते भावुक दिखे।
📜 2. इस्तीफा अधिकारिक तौर पर प्राप्त नहीं हुआ
हालांकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस्तीफे की बात की, अब तक उनका त्यागपत्र शासन या राज्य कर आयुक्त के पास आधिकारिक तौर पर दर्ज नहीं हुआ।
सरकार ने इस मामले पर पूरी रिपोर्ट तलब की है — यह जानने के लिए कि इस्तीफा क्यों और किन हालात में दिया गया। जब तक लिखित इस्तीफा प्राप्त नहीं होता, तब तक आगे कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया जा सकता।
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⚖️ 3. इस्तीफा क्यों दिया गया — वजहें क्या हैं?
🧠 (a) शंकराचार्य विवाद
प्रशांत सिंह ने कहा कि उन्होंने इस्तीफ़ा लिया क्योंकि वे कुछ धार्मिक और राजनीतिक टिप्पणियों से भावनात्मक रूप से आहत थे और वे CM/PM का समर्थन दिखाना चाहते थे।
📌 (b) प्रशासनिक नियम
वे अदालत और सेवा नियमों के तहत बंधे हुए हैं, लेकिन अपने “भावनात्मक” समर्थन का इज़हार करते हुए उन्होंने इस्तीफा दे दिया, यह भी कहा गया है कि वे “भावनात्मक रूप से तटस्थ नहीं” रह सकते थे।
🔍 4. इस्तीफे के बाहर के आरोप और नया मोड़
इस विवाद को और गहरा बनाते हुए प्रशांत सिंह के सगे भाई, डॉ. विश्वजीत सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं:
📍 (a) फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र का आरोप
बड़ी बात यह है कि उन्होंने दावा किया है कि प्रशांत सिंह ने सरकारी नौकरी पाने के लिए फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया, जिससे वे उपयुक्त कोटे में शामिल हुए। जांच 2021 से चल रही है, लेकिन अब पूरे मामले में भारी ध्यान केंद्रित हुआ है।
📍 (b) जांच और विभागीय रिपोर्टिंग
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से विस्तृत रिपोर्ट मंगी गई है कि क्या प्रमाणपत्र में अनियमितता हुई थी, और अगर जांच लंबित है तो उसके बारे में स्थिति क्या है।
📍 (c) भाई का आरोप
भाई ने यह भी कहा कि इस्तीफा जांच और संभावित रिकवरी से बचने का एक तरीका हो सकता है, जिसका अर्थ है कि वे विभागीय या वित्तीय जांच से दूरी बनाना चाहते थे।
📌 5. प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल
मुद्दा अब केवल एक इस्तीफे का मामला नहीं रहा —
सरकार रिपोर्ट मांग रही है
जांचें चल रही हैं
आरोप और प्रत्यारोप सामने आ रहे हैं
यह मामला सियासी, प्रशासनिक और नैतिक मुद्दों का मिश्रण बन चुका है
🧠 संक्षेप में:
✔️ प्रशांत सिंह ने इस्तीफा दे दिया, पर राश्ट्र/राज्य स्तर पर अभी तक आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं हुआ।
✔️ इस्तीफे का कारण धार्मिक-राजनीतिक भावनाएँ बताया गया।
✔️ भाई ने फर्जी सर्टिफिकेट के आरोप भी लगाए, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।



