
Ram Chandra Chhatrapati Murder
Ram Chandra Chhatrapati Murder: रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड, हाईकोर्ट से राम रहीम बरी, तीन दोषियों की उम्रकैद बरकरार
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में Punjab and Haryana High Court ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने गुरमीत राम रहीम को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। हालांकि मामले में दोषी ठहराए गए तीन अन्य आरोपियों की सजा बरकरार रखी गई है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, इसलिए उनकी उम्रकैद की सजा जारी रहेगी। अदालत ने निचली अदालत के फैसले को इन तीनों के मामले में सही माना।
यह मामला साल 2002 का है, जब पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को गोली मार दी गई थी। उन्होंने अपने अखबार में डेरा सच्चा सौदा से जुड़े कुछ गंभीर आरोपों से संबंधित खबरें प्रकाशित की थीं। गोली लगने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां कुछ दिनों बाद उनकी मौत हो गई।
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इस केस की जांच Central Bureau of Investigation ने की थी। जांच के बाद 2019 में सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम समेत चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बाद गुरमीत राम रहीम को इस मामले में राहत मिल गई है, जबकि बाकी तीन दोषियों की सजा बरकरार रहेगी। इस फैसले के बाद मामले को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।






