Panipat Minor Girl Assault
Panipat Minor Girl Assault
हरियाणा के पानीपत जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ उसके ही रिश्ते में लगने वाले फूफा ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया। आरोपी ने बच्ची को चीज दिलाने का लालच देकर घर से बाहर बुलाया और फिर उसे नशीली गोलियां खिलाकर वारदात को अंजाम दिया। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना समालखा क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़ित बच्ची अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थी, तभी आरोपी फूफा उसे बाजार से खाने-पीने की चीज दिलाने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गया। आरोप है कि वह बच्ची को सुनसान खेतों की ओर ले गया, जहां उसने उसे नशीली गोलियां खिला दीं। गोलियों के असर के कारण बच्ची अचेत अवस्था में चली गई और आरोपी ने उसके साथ गलत काम किया।
परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद बच्ची की तबीयत लगातार खराब बनी रही। वह दो दिनों तक पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाई और बेहोशी जैसी हालत में रही। परिवार को शुरुआत में उसकी स्थिति समझ नहीं आई, लेकिन शनिवार को जब बच्ची को होश आया और नशीली दवाओं का असर कम हुआ तो उसने रोते हुए अपने माता-पिता को पूरी घटना के बारे में बताया।
बच्ची की आपबीती सुनकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। इसके बाद परिजन तुरंत पुलिस के पास पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता की मां की शिकायत के आधार पर समालखा थाना पुलिस ने आरोपी फूफा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उससे बाल संरक्षण मानकों के तहत बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नाबालिग पीड़िता की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और मामले की जांच संवेदनशीलता के साथ की जाएगी। वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
यह घटना न केवल रिश्तों को शर्मसार करने वाली है, बल्कि समाज के सामने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार में अचानक आए बदलावों पर ध्यान देना चाहिए और उन्हें यह भरोसा देना चाहिए कि वे किसी भी डर या दबाव के बिना अपनी बात खुलकर अपने परिवार को बता सकते हैं।