राजधानी दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान एक रोबो डॉग को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। समिट के दूसरे दिन गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपने स्टॉल पर एक हाई-टेक रोबोटिक डॉग का प्रदर्शन किया, लेकिन कुछ ही देर बाद इस पर सवाल उठने लगे कि यह डिवाइस चीन निर्मित है।
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा और संवेदनशील तकनीक से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और संबंधित रोबोट को एक्सपो एरिया से हटाने का निर्देश दिया। इसके बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी को भी अपना शोकेस बंद करना पड़ा और उनका स्टॉल समिट के प्रदर्शन क्षेत्र से बाहर कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि यह कदम तकनीकी सुरक्षा और विदेशी उपकरणों की निगरानी से जुड़ी सख्त नीति के तहत उठाया गया है। AI और रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में डेटा सुरक्षा, हार्डवेयर कंट्रोल और संभावित निगरानी जोखिमों को लेकर सरकार पहले से सतर्क रुख अपनाए हुए है। इसी वजह से विदेशी मूल के उपकरणों की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है।
इस घटनाक्रम के बाद टेक समुदाय और शिक्षा जगत में चर्चा तेज हो गई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से जरूरी था, जबकि कुछ इसे तकनीकी सहयोग और नवाचार पर असर डालने वाला फैसला मान रहे हैं।
AI Impact Summit में हुआ यह विवाद अब टेक्नोलॉजी, सुरक्षा और वैश्विक सहयोग के बीच संतुलन की नई बहस को जन्म दे रहा है। आने वाले दिनों में सरकार की तकनीकी नीतियों और विदेशी उपकरणों पर निगरानी को लेकर और सख्ती देखने को मिल सकती है।