Beldanga Babri Masjid: मुर्शिदाबाद में आज बाबरी तर्ज पर मस्जिद की नींव, सुरक्षा के बीच हुमायूं कबीर का आयोजन
1 min read

Beldanga Babri Masjid: मुर्शिदाबाद में आज बाबरी तर्ज पर मस्जिद की नींव, सुरक्षा के बीच हुमायूं कबीर का आयोजन

Beldanga Babri Masjid: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आज हुमायूं कबीर बाबरी मॉडल पर मस्जिद की नींव रखेंगे। आयोजन स्थल पर 3,000 से ज्यादा सुरक्षा जवान तैनात, भीड़ और संवेदनशील माहौल को देखते हुए प्रशासन सतर्क।

Beldanga Babri Masjid
Beldanga Babri Masjid

मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में आज हुमायूं कबीर बाबरी मस्जिद की तर्ज पर नई मस्जिद की नींव रखने वाले हैं। आयोजन को लेकर इलाके में हाई अलर्ट, करीब 3 हजार सुरक्षा जवान तैनात। भीड़ बढ़ने की संभावना के बीच प्रशासन और खुफिया एजेंसियां सतर्क।

🔹 क्या हो रहा है

  • निलंबित Humayun Kabir ने घोषणा की है कि आज (6 दिसंबर 2025) उनके समर्थकों के साथ मिलकर बेलडांगा — मुर्शिदाबाद में एक “बाबरी-स्टाइल” मस्जिद की नींव रखी जाएगी।

  • उनके अनुसार, इस कार्यक्रम में सऊदी अरब से धर्मगुरु (काजी) भी हिस्सा लेने आ रहे हैं।

  • आयोजन 25 बीघा जमीन पर होना है, और कहा जा रहा है कि 3 लाख लोगों की भीड़ जुटने की संभावना है।

Threat to Indigo Flight: IndiGo फ्लाइट में बम धमकी, मुंबई में इमरजेंसी लैंडिंग; सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं।

🔹 सुरक्षा — प्रशासन पूरी तैयारी में

आयोजन को लेकर इलाके को “हाई सिक्योरिटी ज़ोन” घोषित किया गया है। पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), BSF समेत लगभग 3,000 से ज़्यादा जवान तैनात कर दिए गए हैं। इसके अलावा, आसपास के इलाकों में पेट्रोलिंग, फ्लैग मार्च आदि की कार्रवाई शुरू हो चुकी है।

🔹 कोर्ट ने नहीं रोका — जिम्मेदारी राज्य सरकार की

एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी, जिसमें मस्जिद निर्माण के कारण कानून-व्यवस्था भंग होने की आशंका जताई गई थी। लेकिन Calcutta High Court (कोलकाता हाई कोर्ट) ने इस सभा/नींव-पूजन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

🔹 क्यों चर्चा में — संवेदनशील तारीख और राजनीतिक सन्दर्भ

6 दिसंबर — वह दिन है जब 1992 में Ayodhya में प्रसिद्ध Babri Masjid गिराई गई थी। उसी दिन “बाबरी-स्टाइल” मस्जिद की नींव रखने की घोषणा करना राजनीतिक व धार्मिक रूप से बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। इसी वजह से यह पूरे देश में चर्चा में है — सरकार, विपक्ष, आम जनता एवं सुरक्षा एजेंसाओं की निगाहें मुर्शिदाबाद पर टिकी हैं।