
नवरात्रि में पीरियड्स आने पर कई महिलाएं अपनी साधना को लेकर चिंतित होती हैं, क्योंकि भारतीय परंपरा में नवरात्रि के दौरान पूजा और उपासना के कुछ विशेष नियम होते हैं। हालांकि, ध्यान देने योग्य बात यह है कि धर्म और परंपरा के अनुसार, शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाओं को समझते हुए साधना जारी रखी जा सकती है। अगर आप नवरात्रि में पीरियड्स के दौरान पूजा करना चाहती हैं, तो कुछ उपायों को अपना सकती हैं।
1. मानसिक तैयारी करें
- नवरात्रि में पीरियड्स के दौरान मानसिक रूप से तैयार होना ज़रूरी है। इस समय को आत्म-चिंतन और मानसिक शांति के लिए इस्तेमाल करें।
2. पूजा न करने का विकल्प
- अगर आप शारीरिक कारणों से पूजा करने में असमर्थ महसूस करती हैं, तो आप मंत्र जाप, ध्यान या भक्ति गीतों का श्रवण कर सकती हैं।
3. घर के अन्य कार्यों में सहायता
- नवरात्रि के दौरान घर के अन्य सदस्य आपकी मदद कर सकते हैं, और आप घर के सामान्य कार्यों में सहयोग दे सकती हैं, ताकि आपकी शारीरिक स्थिति को आराम मिले और आप ध्यान और साधना में अपना समय दे सकें।
4. स्वच्छता का ध्यान रखें
- पीरियड्स के दौरान शारीरिक स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। आपको अपनी शारीरिक और मानसिक स्वच्छता दोनों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि स्वच्छता से ही शांति मिलती है और ध्यान में आसानी होती है।
5. मंत्र जाप और भजन करें
- अगर पूजा में शारीरिक रूप से शामिल नहीं हो पा रही हैं, तो घर पर बैठकर “ॐ दुं दुं दुर्गे” या “ॐ जयति जयति भगवती” जैसे मंत्रों का जाप करें।
6. साधना को मानसिक रूप से पूरी करें
- भले ही शारीरिक रूप से पूजा में भाग नहीं ले पा रही हैं, लेकिन आप मानसिक रूप से नवरात्रि की साधना को पूरा कर सकती हैं।
7. चंद्रमा की स्थिति का ध्यान रखें
- कुछ मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा की स्थिति और आपके शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया से भी संबंधित होता है। नवरात्रि के समय को आत्मिक उन्नति के लिए प्रयोग करें, भले ही आप पूरी शारीरिक पूजा न कर पा रही हों।
8. आराम करें
- शरीर को आराम देना भी इस दौरान बहुत महत्वपूर्ण है। इस समय अपनी ऊर्जा को बचाते हुए ध्यान, योग और प्राणायाम करें।
9. धार्मिक किताबों का अध्ययन करें
- नवरात्रि के दौरान धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन भी एक अच्छा उपाय है। आप देवी महात्म्य, दुर्गा सप्तशती या अन्य उपास्य मंत्रों का पाठ कर सकती हैं।
10. गोपनीयता और धार्मिक अनुशासन
- अपनी आस्थाओं को बनाए रखें और परिवार के साथ मिलकर उपासना के तरीकों का पालन करें।
नवरात्रि में पीरियड्स आने पर कुछ बातें ध्यान में रखें:
- शारीरिक स्थिति को समझते हुए, यदि पूजा में शामिल होने में कोई असुविधा हो, तो उसे लेकर कोई अपराधबोध महसूस न करें। नवरात्रि का उद्देश्य शारीरिक कष्टों को पार कर आत्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होना है, और इसमें हर व्यक्ति की यात्रा अलग हो सकती है।
यह ध्यान रखना चाहिए कि इन उपायों से आपका आंतरिक शांति और भक्ति बढ़ेगी और आप अपनी साधना को एक नए दृष्टिकोण से देख सकेंगी।