Gurugram Firing Case
Gurugram Firing Case: गोल्फ कोर्स रोड फायरिंग मामले में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, दीपक नांदल गैंग के 3 शार्पशूटर गिरफ्तार
हरियाणा की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने गुरुग्राम के हाई-प्रोफाइल गोल्फ कोर्स रोड इलाके में एक प्रमुख व्यवसायी के कार्यालय पर हुई सनसनीखेज फायरिंग की गुत्थी को सुलझाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की टीम ने कुख्यात दीपक नांदल गैंग से जुड़े तीन शार्पशूटरों को भारी मात्रा में अवैध हथियारों और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारी शहर में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि इस गैंग का संबंध लॉरेंस बिश्नोई और काला जठेड़ी जैसे बड़े आपराधिक सिंडिकेट से बताया जाता है।
घटना के विवरण के अनुसार, कुछ दिन पहले मोटरसाइकिल सवार नकाबपोश हमलावरों ने गोल्फ कोर्स रोड स्थित एक निजी कंपनी के दफ्तर के बाहर अंधाधुंध फायरिंग की थी। हमलावरों ने मौके पर एक धमकी भरा पत्र भी छोड़ा था, जिसमें करोड़ों रुपये की रंगदारी की मांग की गई थी।
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इस घटना के बाद से ही पूरे व्यापारिक जगत में दहशत का माहौल था। गुरुग्राम पुलिस और एसटीएफ ने संयुक्त रूप से मामले की जांच शुरू की और तकनीकी निगरानी व मुखबिरों के जाल की मदद से आरोपियों की पहचान की।
एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि पकड़े गए आरोपी न केवल इस फायरिंग में शामिल थे, बल्कि वे आने वाले दिनों में शहर के कुछ अन्य बड़े व्यापारियों को भी निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। इनके पास से आधुनिक पिस्तौल और कई जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये तीनों शूटर जेल में बंद दीपक नांदल के सीधे संपर्क में थे और उसी के इशारे पर रंगदारी वसूलने के लिए वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उन स्थानीय मददगारों की तलाश कर रही है जिन्होंने शूटर्स को पनाह दी थी और रेकी करने में मदद की थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गुरुग्राम के व्यापारिक माहौल को खराब करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया जा रहा है।
