Assembly Huge Uproar: हरियाणा विधानसभा में हाउस अरेस्ट विवाद पर हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट; सरकार-विपक्ष आमने-सामने
हरियाणा: विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन जोरदार हंगामे के कारण सुर्खियों में रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस ने प्रदेशभर में अपने नेताओं को कथित तौर पर ‘हाउस अरेस्ट’ किए जाने का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। कांग्रेस ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया और विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। वहीं सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।
नजरबंदी के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष का कहना था कि नेताओं और विधायकों को घरों में रोकना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। वहीं मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने किसी भी नेता को नजरबंद करने का आदेश नहीं दिया और यदि कहीं सुरक्षा कारणों से कार्रवाई हुई है तो वह प्रशासनिक स्तर पर लिया गया निर्णय हो सकता है।
बहस उस समय और गर्म हो गई जब कांग्रेस विधायकों ने सदन में कुछ नेताओं की तस्वीरें दिखाईं और आरोप लगाया कि उन्हें घर से बाहर निकलने से रोका गया। इस पर सत्तापक्ष के कुछ मंत्रियों की टिप्पणियों से माहौल और तनावपूर्ण हो गया, जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया।
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हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा को जोड़ने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के अंतिम एलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा यमुनानगर के छछरौली क्षेत्र में लंबे समय से सरकारी जमीन पर रह रहे परिवारों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
प्रश्नकाल के दौरान नशे की समस्या, अवैध बूचड़खानों, खराब सड़कों और खिलाड़ियों के लंबित पुरस्कार जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सरकार ने इन मामलों में कार्रवाई का आश्वासन दिया।
विधानसभा के बाहर भी तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, क्योंकि विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। कुल मिलाकर बजट सत्र का यह दिन राजनीतिक टकराव और महत्वपूर्ण घोषणाओं के बीच बीता।
