यूपी के इस शहर में कुत्ते ने काटा तो मालिक पर लगेगा 10,000 का जु्र्माना

मेरठ में अब कुत्ते पालने वालों को सावधान रहना होगा. नए प्रस्ताव के अनुसार अगर पालतू कुत्ता काटता है तो मालिकों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा. साथ ही कुत्ते के काटने पर मालिकों को घायल व्यक्ति का इलाज भी कराना होगा. वहीं पालतू जानवरों को भी नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराना होगा. यदि कोई मालिक इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा.

मेरठ में अब कुत्ते पालने वालों को सावधान रहना होगा. नए प्रस्ताव के अनुसार अगर पालतू कुत्ता काटता है तो मालिकों पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा. साथ ही कुत्ते के काटने पर मालिकों को घायल व्यक्ति का इलाज भी कराना होगा. वहीं पालतू जानवरों को भी नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराना होगा. यदि कोई मालिक इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा.

पारित प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि जब मालिक अपने कुत्ते को घर से बाहर ले जाएंगे तो उन्हें कुत्ते के मुंह पर जाब (muzzle) लगाना होगा. भले ही वह पार्क ही क्यों ना जा रहें हों या फिर लिफ्ट का ही उपयोग क्यों ना कर रहें हों. यदि कोई पालतू पशु मालिक इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो उस पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. साथ ही पिटबुल, डोगो अर्जेंटीनो और रॉटवीलर जैसी खतरनाक नस्लों के पंजीकरण और प्रजनन पर ‘प्रतिबंध’ लगा दिया गया है.

मेरठ के अतिरिक्त नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने इसे लेकर कहा कि नगर आयुक्त अमित पाल शर्मा के मार्गदर्शन में हम इसे जल्द से जल्द लागू करने का प्रयास करेंगे. नई नीति के तहत पालतू जानवरों का पंजीकरण अनिवार्य है. साथ ही मालिकों को मार्च 2023 तक अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराना होगा. ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा के लिए एक डॉग ऐप विकसित किया गया है. कुमार ने आगे कहा कि अगर कुत्तों का पंजीकरण निर्धारित समय के भीतर नहीं किया जाता है तो जुर्माना लगाया जाएगा. जुर्माने की राशि जल्द ही तय की जाएगी.

Share This:

Next Post

बिहार के इस गांव ने आजादी के बाद न थाने देखे, न अदालत..

Mon Nov 21 , 2022
बिहार में जहानाबाद जिले में एक गांव ऐसा है, जहां आजादी के बाद कोई मामला थाने तक नहीं पहुंचा। घोसी प्रखंड के धौताल बिगहा गांव के लोग आपसी विवाद को लेकर कभी थाने नहीं गए। गांव के शांतिप्रिय लोग विवाद होने पर बिना कोर्ट पहुंचे मामले का […]
error: Content is protected !!