NCERT Book Ban: NCERT का माफीनामा: सुप्रीम कोर्ट ने विवादित किताब पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध
देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा विवाद उस समय गहराया जब National Council of Educational Research and Training (NCERT) की एक किताब में न्यायपालिका से संबंधित कथित रूप से अपमानजनक सामग्री सामने आई। मामले को गंभीर मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की और विवादित अध्याय पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि शिक्षा से जुड़े संस्थानों की जिम्मेदारी केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना भी है। अदालत ने माना कि छात्रों को पढ़ाई जाने वाली सामग्री संतुलित, तथ्यात्मक और गरिमापूर्ण होनी चाहिए। न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्था पर किसी भी तरह की अपमानजनक या भ्रामक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए एनसीईआरटी ने अदालत के सामने बिना शर्त माफी मांगी। परिषद ने स्वीकार किया कि संबंधित अध्याय की भाषा और प्रस्तुति अनुचित थी, जिससे न्यायपालिका की छवि प्रभावित हो सकती थी। संस्था ने खेद जताते हुए भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी और किताबों की सामग्री की समीक्षा प्रक्रिया को और सख्त बनाया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि विवादित अध्याय को तुरंत प्रभाव से पाठ्यक्रम से हटाया जाए और संशोधित सामग्री तैयार होने तक उसका प्रकाशन या वितरण न किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि शिक्षा के माध्यम से संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना जरूरी है।
इस फैसले को शिक्षा जगत में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों में सुधार होगा और छात्रों को अधिक संतुलित व जिम्मेदार शैक्षिक सामग्री मिलेगी।
