Putin India Visit

Putin India Visit: भारत पहुंचे पुतिन को राष्ट्रपति भवन में 21 तोपों की सलामी, मिला गार्ड ऑफ ऑनर

Putin India Visit: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत में भव्य स्वागत, राष्ट्रपति भवन में 21 तोपों की सलामी और तीनों सेनाओं ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर, मोदी-पुतिन द्विपक्षीय वार्ता और रणनीतिक समझौते पर आज होगी चर्चा।

Putin India Visit
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भारत: भारत दौरे पर पहुंचे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का आज राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक सैन्य सम्मान और 21 तोपों की सलामी के साथ भव्य स्वागत किया गया। तीनों सेनाओं द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया। अब पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच रणनीतिक, रक्षा और ऊर्जा समझौतों पर महत्वपूर्ण बैठक होगी।

🔹 घटना — क्या हुआ

  • पुतिन इस समय भारत में हैं — उनके दो दिवसीय दौरे के लिए।

  • आज (दौरे के दूसरे दिन) उनका राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत हुआ।

  • स्वागत के दौरान पुतिन को 21 तोपों की सलामी दी गई और गार्ड ऑफ ऑनर पेश किया गया।

  • इस मौके पर भारत की तीनों सेनाओं (सेना, वायु सेना, नौसेना) द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर देने की परंपरा निभाई गई।

  • कार्यक्रम में देश के उच्चतम नेतृत्व शामिल थे — नरेंद्र मोदी (प्रधान मंत्री), द्रौपदी मुर्मू (राष्ट्रपति) और विदेश मंत्री समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

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🔹 21-तोपों की सलामी & गार्ड ऑफ ऑनर — क्या है खास

  • 21-तोपों की सलामी — भारत में किसी विदेश राष्ट्राध्यक्ष या राज्य प्रमुख के राजकीय दौरे पर दिए जाने वाला सर्वोच्च औपचारिक सम्मान है।

  • सलामी अक्सर 19 या 21 तोपों की होती है, जो एक पारंपरिक और गरिमामय स्वागत का प्रतीक है।

  • गार्ड ऑफ ऑनर देने के लिए लगभग 150 जवान तैनात होते हैं — जो राजकीय प्रोटोकॉल और सुरक्षा व्यवस्था के तहत तय होता है।

  • यह सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि भारत उस अतिथि राष्ट्राध्यक्ष को बहुत ऊँचे दर्जे पर ग्रहण करता है — राजनयिक, सुरक्षा और सामाजिक रूप से।

🔹 इस दौर की पृष्ठभूमि — क्यों यह स्वागत

पुतिन का यह दौरा भारत–रूस शिखर सम्मेलन (India-Russia Annual Summit) के लिए है — यानी यह दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि कूटनीतिक और रणनीतिक तौर पर अहम है। यात्रा के दौरान व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, रणनीतिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मसलों पर बातचीत और संभवतः समझौते भी होने हैं।

ऐसे दौरे में भारत-रूस के बीच के संबंधों को सार्वजनिक रूप से मजबूत दिखाना एक सन्देश भी होता है — भारत की ओर से रूस को सम्मान और मित्रता का प्रदर्शन।

🔹 आगे क्या हो सकता है / क्या हुआ

सलामी एवं गार्ड ऑफ ऑनर के बाद पुतिन आज ही या इस दौरे में राजघाट जाएंगे, जहाँ वे महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद भारत-रूस सम्मेलन में दोनों देश कई समझौते कर सकते हैं — इससे रक्षा, ऊर्जा, व्यापार आदि में आगे भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।