
Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस 2026, ऑपरेशन सिंदूर संग भारत की सैन्य ताकत का भव्य प्रदर्शन
📅 26 जनवरी 2026 को दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारत का 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया, जिसमें देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय गौरव का शानदार प्रदर्शन हुआ। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया और 21 तोपों की सलामी दी, तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
🪖 सैन्य शक्ति और आधुनिक हथियारों का भव्य प्रदर्शन
इस बार की परेड में भारत की आधुनिक और उन्नत रक्षा क्षमताओं को प्रमुखता से दिखाया गया:
आधुनिक मिसाइल सिस्टम जैसे ब्रह्मोस, आकाश, नाग मिसाइलें, Suryastra Rocket Launcher तथा DRDO द्वारा विकसित हाइपरसोनिक LR-AShM प्रमुख रहे।
मुख्य लड़ाकू वाहन: T-90 Bhishma और अर्जुन मेन बैटल टैंक सहित BMP-II इन्फैंट्री वारफेयर व्हीकल्स।
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29-विमानों का वायु प्रदर्शन जिसमें राफेल, सु-30 एमकेआई, MiG-29, साथ ही रणनीतिक और परिवहन विमान शामिल थे।
CRPF-SSB की डियर डेविल्स मोटरसाइकिल टीम और सांस्कृतिक कलाकारों ने भी परेड में रंग भर दिया।
🎖️ ऑपरेशन सिंदूर — परेड का सबसे बड़ा आकर्षण
सबसे ज्यादा ध्यान ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित Tri-Services Tableau और वायु सेना की Sindoor Formation ने खींचा:
Operation Sindoor tableau में सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त विस्तार को दिखाया गया — जिसमें मिसाइलों, टैंकों और एकीकृत संचालन केंद्र के मॉडल शामिल थे, जो तीनों सेवाओं के सामंजस्य को दर्शाते हैं।
वायु सेना ने Sindoor Formation में दो राफेल, दो सु-30 MKI, दो MiG-29 और जैगुआर युद्धक विमानों के साथ शानदार फ्लाईपास्त पेश किया, जो प्रदर्शित करता है कि ऑपरेशन ने कैसे युद्ध-स्तर पर संयुक्त क्षमता और उच्च-स्तरीय रणनीति का संकेत दिया है।
S-400 वायु रक्षा प्रणाली और एकीकृत परिचालन केंद्र को भी दर्शकों ने बड़े उत्साह के साथ देखा, क्योंकि यह आज की युद्ध तकनीकों और भारत की सुरक्षित व प्रतिक्रियाशील क्षमता का प्रतीक है।
🌍 अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और संदेश
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ के नेताओं — यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेयर लेयन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा — की उपस्थिति ने भी ध्यान खींचा, जो भारत-EU साझेदारी और वैश्विक सामरिक सहयोग को दर्शाता है।
🎨 संस्कृति, विविधता और गौरव
परंपरा के अनुसार, राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां, सांस्कृतिक नृत्य-गीत तथा 2,500 कलाकारों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने भारत की विविधता और एकता का संदेश भी मजबूती से दिया।



