Yamunanagar Love Jihad Case

Yamunanagar Love Jihad Case

Yamunanagar Love Jihad Case: यमुनानगर लव जिहाद केस, 25 मार्च की घटना से कैसे भड़का विवाद, जानें पूरी सच्चाई

25 मार्च 2026 को हरियाणा के यमुनानगर जिले के बिलासपुर इलाके में जिस “लव जिहाद” कहे जा रहे मामले ने तूल पकड़ा, वह दरअसल एक लड़का-लड़की के घर से साथ चले जाने से शुरू हुआ विवाद था, जो बाद में बड़ा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बन गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 25 मार्च को बिलासपुर कस्बे के पीपलीवाला गांव की एक हिंदू युवती और रंजीतपुर गांव का एक मुस्लिम युवक आपसी सहमति से घर से चले गए। लड़की के परिवार को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दी, लेकिन शुरुआती दिनों में उन्हें लगा कि पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं हो रही है।

इसके बाद मामला तेजी से गरमाने लगा। लड़की पक्ष के लोग और कुछ स्थानीय हिंदू संगठन इस घटना को “लव जिहाद” बताते हुए विरोध में उतर आए। पहले रंजीतपुर में लोगों ने इकट्ठा होकर पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई और फिर बिलासपुर के शिव चौक पर रोड जाम कर दिया गया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा और कई थानों के अधिकारी मौके पर पहुंचे।

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इस दौरान एक बड़ा मोड़ तब आया जब युवती का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उसने कहा कि वह अपनी मर्जी से युवक के साथ गई है और अगर लड़के के परिवार को कोई नुकसान होता है तो उसके जिम्मेदार उसके अपने घर वाले होंगे। इस बयान के बाद मामला और ज्यादा संवेदनशील हो गया क्योंकि इससे यह संकेत मिला कि यह जबरदस्ती का मामला नहीं बल्कि आपसी सहमति का भी हो सकता है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि लड़की को जल्द बरामद नहीं किया गया तो वे नेशनल हाईवे तक जाम कर देंगे। साधु-संत और विभिन्न संगठनों के लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए, जिससे माहौल और ज्यादा गरम हो गया। बाद में डीएसपी और एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर स्थिति कुछ हद तक शांत हुई।

कुल मिलाकर 25 मार्च को शुरू हुआ यह मामला केवल एक लड़का-लड़की के घर से जाने की घटना से शुरू होकर कुछ ही दिनों में कानून-व्यवस्था, सामाजिक तनाव और धार्मिक एंगल से जुड़ा बड़ा विवाद बन गया, जिसमें पुलिस, प्रशासन और स्थानीय संगठनों सभी की भूमिका सामने आई।