Oil Supply Master Plan

Oil Supply Master Plan

Oil Supply Master Plan: पीएम मोदी का बड़ा बयान, युद्ध के बीच भी भारत की ऊर्जा सुरक्षा पक्की, 41 देशों से तेल आयात का मास्टर प्लान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर लोकसभा में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने देशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वैश्विक उथल-पुथल और युद्ध के खतरों के बावजूद भारत की तेल और गैस आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है। प्रधानमंत्री ने सरकार के उस ‘मास्टर प्लान’ का विवरण साझा किया जिसके तहत भारत ने पिछले 11 वर्षों में अपनी ऊर्जा निर्भरता को किसी एक क्षेत्र तक सीमित न रखकर व्यापक स्तर पर फैलाया है।

पीएम मोदी ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए केवल 27 देशों पर निर्भर था, लेकिन आज यह नेटवर्क बढ़कर 41 देशों तक पहुँच गया है। आपूर्ति श्रृंखला में इस विविधता के कारण ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे संवेदनशील मार्गों पर बढ़ते खतरे के बाद भी भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति निर्बाध बनी हुई है। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं, विशेषकर 60 प्रतिशत आयातित एलपीजी पर निर्भर परिवारों को प्राथमिकता दी है और घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

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सुरक्षा के मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने भारत के ‘रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार’ (Strategic Petroleum Reserve) की ताकत का जिक्र किया। वर्तमान में भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक का कच्चा तेल भंडार सुरक्षित है, जिसे आने वाले समय में बढ़ाकर 65 लाख मीट्रिक टन करने की योजना पर काम चल रहा है। इसके अतिरिक्त, तेल कंपनियों के पास अपना अलग भंडार भी मौजूद है।

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत की “इंडिया फर्स्ट” नीति और समय रहते उठाए गए कूटनीतिक कदमों की वजह से वैश्विक तेल संकट का असर भारतीय नागरिकों की जेब और रसोई पर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी संदेश दिया कि भारत अब वैश्विक दबावों के आगे झुकने वाला नहीं, बल्कि चुनौतियों को अवसर में बदलने वाला सामर्थ्यवान राष्ट्र है।