Government Colleges New Courses
Government Colleges New Courses: हरियाणा के सरकारी कॉलेजों में बड़े बदलाव, नए कोर्स शुरू, सीटें बढ़ेंगी, कम छात्रों वाले विषय बंद होंगे
हरियाणा सरकार ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सरकारी कॉलेजों में बड़े बदलावों की तैयारी शुरू कर दी है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों के तहत प्रदेश के कई सरकारी कॉलेजों में आधुनिक और रोजगारपरक कोर्स शुरू किए जाएंगे, वहीं जिन विषयों में लगातार कम छात्र संख्या रही है, उन पर रोक लगाने या सीटें घटाने का फैसला लिया गया है। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को वर्तमान समय की मांग के अनुसार शिक्षा उपलब्ध कराना और कॉलेजों में संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार गुरुग्राम, हिसार, महेंद्रगढ़, रोहतक और अन्य प्रमुख जिलों के सरकारी कॉलेजों में एमएससी केमिस्ट्री, बॉटनी, जूलॉजी और कंप्यूटर साइंस जैसे नए कोर्स शुरू करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा कुछ कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और आईटी से जुड़े विषयों को भी भविष्य में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि तकनीकी और विज्ञान आधारित कोर्सों की मांग लगातार बढ़ रही है और विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर देने के लिए यह कदम जरूरी है।
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सरकार ने केवल नए कोर्स शुरू करने पर ही जोर नहीं दिया है, बल्कि लोकप्रिय विषयों में सीटें बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। पिछले कुछ वर्षों में कई कॉलेजों में विज्ञान और कंप्यूटर आधारित विषयों में दाखिले के लिए विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसी को देखते हुए विभाग ने कॉलेज प्रबंधन को अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश मिल सके।
दूसरी ओर जिन विषयों में लगातार कम दाखिले हो रहे हैं, उन पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। ऐसे कोर्स जिनमें छात्र संख्या बेहद कम है, उनकी समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उन्हें बंद भी किया जा सकता है। विभाग का कहना है कि कई कॉलेजों में कुछ विषयों में नामांकन बहुत कम होने के बावजूद शिक्षकों और संसाधनों पर खर्च जारी रहता है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसलिए अब उन्हीं कोर्सों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनकी विद्यार्थियों के बीच अधिक मांग है।
उच्च शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी कॉलेजों से छात्र संख्या, उपलब्ध संसाधनों और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में प्रदेश के कॉलेजों में शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक और व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में और भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। सरकार के इस निर्णय से विद्यार्थियों को नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद है, खासकर उन छात्रों को जो विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।
