Fake Crop Scam in Karnal

Fake Crop Scam in Karnal

Fake Crop Scam in Karnal: करनाल में बड़ा फर्जीवाड़ा, बंजर जमीन पर दिखाई फसल, 2 सरपंच सस्पेंड

हरियाणा के करनाल जिले में पंचायत और कृषि विभाग से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए दो सरपंचों को सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि सरकारी और बंजर जमीन पर कागजों में फसल दिखाकर ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर फर्जी एंट्री की गई और एक आढ़ती परिवार को किसान दर्शाकर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की कोशिश की गई।

जांच में सामने आया कि पंचायत रिकॉर्ड और कृषि विभाग के दस्तावेजों में हेराफेरी कर उन जमीनों पर फसल दिखाई गई, जहां वास्तव में कोई खेती नहीं हो रही थी। कुछ जमीनें पंचायत की थीं, जबकि कुछ को राजस्व रिकॉर्ड में बंजर श्रेणी में दर्ज किया गया था। इसके बावजूद पोर्टल पर गेहूं और अन्य फसलों की एंट्री कर दी गई। इस पूरे खेल के जरिए सरकारी योजनाओं और खरीद प्रक्रिया में लाखों रुपये के लाभ की तैयारी की गई थी।

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प्रशासन को शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच टीम ने जब जमीन के रिकॉर्ड, फसल विवरण और पोर्टल पर दर्ज जानकारी का मिलान किया तो कई बड़ी अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों ने पाया कि जिन लोगों को किसान दिखाया गया, वे वास्तव में खेती से जुड़े नहीं थे। इनमें एक आढ़ती परिवार का नाम भी शामिल है, जिसे फर्जी तरीके से किसान बनाकर लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।

जिला प्रशासन ने इसे गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता मानते हुए संबंधित सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई की। दोनों सरपंचों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही पंचायत सचिवों और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल किसानों के पंजीकरण, फसल विवरण और सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए बनाया गया है। लेकिन कुछ लोगों ने सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए। प्रशासन अब जिलेभर में ऐसे मामलों की दोबारा जांच कराने की तैयारी कर रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।

इस कार्रवाई के बाद पंचायतों और कृषि विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।