POS Machine Ration Distribution

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POS Machine Ration Distribution: रोहतक में राशन वितरण व्यवस्था में बड़ा सुधार, 252 डिपो पर नई POS मशीनें, सोमवार से शुरू होगा गेहूं वितरण

रोहतक जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुचारू बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के 252 राशन डिपो पर नई पीओएस (POS) मशीनें पहुंच चुकी हैं और विभाग द्वारा इनमें लाभार्थियों का डेटा इंस्टॉल करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार सोमवार से जून माह के गेहूं वितरण की प्रक्रिया इन नई मशीनों के माध्यम से शुरू कर दी जाएगी। नई तकनीक आने से उपभोक्ताओं को राशन लेने में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलेगी और लंबे समय से चली आ रही फिंगरप्रिंट मैच न होने की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पुरानी मशीनों में तकनीकी खामियों के कारण कई बार लाभार्थियों को राशन लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। विशेषकर बुजुर्गों और मजदूरी करने वाले लोगों के फिंगरप्रिंट स्पष्ट न आने के कारण उनका सत्यापन नहीं हो पाता था, जिससे राशन वितरण प्रभावित होता था। कई उपभोक्ताओं को बार-बार डिपो के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई पीओएस मशीनों में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे बायोमेट्रिक सत्यापन पहले से अधिक तेज और सटीक होगा।

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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक नई मशीनों में बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और अपडेटेड सॉफ्टवेयर दिया गया है। इससे राशन वितरण का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा और किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना भी कम होगी। लाभार्थियों का डेटा इंस्टॉल करने का कार्य अंतिम चरण में है और डिपो संचालकों को भी मशीनों के संचालन संबंधी आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

जून माह के राशन वितरण को लेकर विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सोमवार से पात्र परिवारों को गेहूं वितरण शुरू कर दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि नई मशीनों के इस्तेमाल से वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और उपभोक्ताओं को समय पर राशन मिल सकेगा। साथ ही राशन वितरण में होने वाली देरी और तकनीकी बाधाओं को भी काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।

डिपो संचालकों ने भी नई मशीनों को लेकर संतोष जताया है। उनका कहना है कि पुरानी मशीनों में नेटवर्क और फिंगरप्रिंट से जुड़ी समस्याएं आम थीं, जिससे लाभार्थियों और डिपो धारकों दोनों को परेशानी होती थी। नई मशीनों से काम आसान होगा और वितरण व्यवस्था में सुधार आएगा। वहीं उपभोक्ताओं ने भी उम्मीद जताई है कि अब उन्हें राशन लेने के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा और प्रक्रिया पहले से अधिक सरल व तेज होगी।