Vatika Group ED Action
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हरियाणा के गुरुग्राम में रियल एस्टेट कंपनी वाटिका लिमिटेड से जुड़े कथित होमबायर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने कंपनी के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) अनिल भल्ला और प्रमोटर गौतम भल्ला को गिरफ्तार किया है। दोनों को गुरुग्राम की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 3 अक्टूबर 2026 तक ED हिरासत में भेज दिया।
ED के मुताबिक, यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की ओर से दर्ज FIRs से जुड़ा है। इनमें कथित तौर पर ग्राहकों को आवासीय प्लॉट देने का भरोसा देकर रकम लेने, प्लॉट की डिलीवरी नहीं करने और संबंधित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप शामिल हैं। हालांकि, ये आरोप जांच एजेंसी के दावे हैं और मामले में अंतिम दोष सिद्ध होना अदालत की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
ED के अनुसार, 2010 से 2012 के बीच सात खरीदार संस्थाओं ने गुरुग्राम के वाटिका इंडिया नेक्स्ट और वाटिका इंडिया नेक्स्ट-2 प्रोजेक्ट्स में आवासीय प्लॉट के लिए करीब 260 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया था। एजेंसी का आरोप है कि बाद में प्रोजेक्ट के लेआउट में बदलाव हुआ और पहले आवंटित प्लॉटों के नंबर या स्थान बदले गए।
जांच एजेंसी के अनुसार, वाटिका इंडिया नेक्स्ट-2 में करीब 1.10 लाख वर्ग गज जमीन के लिए भुगतान होने के बावजूद लगभग 14 साल बाद भी एक भी प्लॉट की डिलीवरी नहीं हुई। वहीं वाटिका इंडिया नेक्स्ट में भी डिलीवरी आंशिक रही और करीब 140.73 करोड़ रुपये मूल्य के प्लॉट अब भी डिलीवर नहीं होने का ED ने दावा किया है।
ED ने इससे पहले कंपनी और प्रमोटरों से जुड़े 7 ठिकानों पर PMLA के तहत तलाशी अभियान चलाया था। एजेंसी के मुताबिक, एक आरोपी के आवास से Mercedes-Benz GLC 300, 1.3 किलोग्राम से अधिक सोने और हीरे के आभूषण, जिनकी कीमत करीब 1.55 करोड़ रुपये बताई गई है, बरामद किए गए। इसके अलावा करीब 3.04 करोड़ रुपये के बैंक खाते और FDR फ्रीज किए गए।
ED ने यह भी बताया कि जांच में करीब 22 ग्रुप कंपनियों के जरिए जमीन और वित्तीय लेनदेन से जुड़े मामलों की पड़ताल की गई है। एजेंसी के अनुसार, खरीदारों से प्राप्त रकम को संबंधित प्रोजेक्ट्स के अलावा अन्य ग्रुप कंपनियों और प्रमोटर से जुड़ी संस्थाओं में ट्रांसफर किए जाने की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल अनिल भल्ला और गौतम भल्ला ED हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है। ED ने इस मामले में कथित proceeds of crime करीब 154.36 करोड़ रुपये आंकी है। यह आंकड़ा भी जांच एजेंसी का दावा है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान आरोपों की जांच होगी।