Electricity Employees Strike

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Electricity Employees Strike: हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जारी, झज्जर में ब्लैकआउट; अनिल विज ने दोपहर 3 बजे बातचीत के लिए बुलाया

हरियाणा: हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबर है। सरकार और बिजली कर्मचारियों के बीच जारी विवाद के बीच हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 3 बजे बैठक होनी है। इस बीच झज्जर में ब्लैकआउट और गांवों में बिजली सप्लाई ठप होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना विभाग के लिए चुनौती बन गया है। बिजली आपूर्ति में रुकावट आने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ दुकानदारों, किसानों और छोटे कारोबारियों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के लंबे समय तक बंद रहने से रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं।

निजीकरण के फैसले का विरोध कर रहे बिजली कर्मचारी

बिजली कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में निजी कंपनी को दिए गए लाइसेंस के फैसले पर पुनर्विचार करना शामिल है। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 108 के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल करे और निजी कंपनी को लाइसेंस देने के फैसले पर उचित कार्रवाई करे।

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कर्मचारियों का मानना है कि बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े फैसलों में सार्वजनिक हित और विभागीय कर्मचारियों की भूमिका को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर कर्मचारियों और सरकार के बीच विवाद बना हुआ है।

वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं संभाल पाई बिजली सप्लाई

हड़ताल के दौरान बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार की ओर से पटवारियों, ग्राम सचिवों और आईटीआई के छात्रों की ड्यूटी लगाने की खबर है। हालांकि, तकनीकी फॉल्ट ठीक करने के लिए आवश्यक अनुभव और विशेषज्ञता की कमी के कारण कई जगहों पर व्यवस्था सामान्य नहीं हो सकी।

बिजली लाइनों में खराबी आने या तकनीकी समस्या पैदा होने पर प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होती है। ऐसे में वैकल्पिक कर्मचारियों के लिए सभी तरह की तकनीकी दिक्कतों को दूर करना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

अनिल विज के साथ बैठक पर टिकी निगाहें

सरकार की ओर से बातचीत की पहल को हड़ताल समाप्त कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोपहर 3 बजे प्रस्तावित बैठक में बिजली कर्मचारियों की मांगों, निजीकरण से जुड़े विवाद और बिजली आपूर्ति बहाल करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

फिलहाल कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहने से प्रभावित इलाकों के लोगों की परेशानियां बनी हुई हैं। अब सबकी निगाहें सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली बातचीत पर टिकी हैं। बैठक में क्या सहमति बनती है और बिजली आपूर्ति कब तक सामान्य होती है, यह आगे की बातचीत और फैसलों पर निर्भर करेगा।